Breaking News
रेस्टोरेंट मालिकों को कांवड़ यात्रा मार्ग पर नाम प्रदर्शित करने का दिया गया आदेश 
धनुष की 50वीं फिल्म ‘रायन’ का दमदार ट्रेलर आउट, भरपूर एक्शन मोड में नजर आए अभिनेता
देवप्रयाग में 17 वर्षीय किशोर को गुलदार ने बनाया निवाला, दहशत में पूरा क्षेत्र 
एक्सरसाइज के दौरान या तुरंत बाद सिरदर्द होना गंभीर बीमारी के हैं संकेत, नई रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा
उत्तराखंड में हुई देश के पहले ऑनलाइन होमस्टे बुकिंग पोर्टल की शुरुआत
हीमोफीलिया फैक्टर व दवाइयों की कोई कमी नहीं होने देंगे- सीएम
आम लोगों को तगड़ा झटका
पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण जैसे कार्य हमारे भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण – स्पीकर ऋतु खण्डूडी
महाराज ने मुख्यमंत्री को सौंपा चारधाम यात्रियों की दुर्घटना सुरक्षा बीमा का चैक

स्वाति मालीवाल से मारपीट के आरोपी बिभव कुमार सीएम आवास से अरेस्ट

नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल के निजी सचिव बिभव कुमार को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आम आदमी पार्टी (आप) की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने बिभव कुमार द्वारा मारपीट किए जाने की शिकायत की थी. जिसके बाद 16 मई की रात को स्वाति मालीवाल की जांच के बाद मेडिको-लीगल केस रिपोर्ट दर्ज की गई थी.जांच एम्स दिल्ली के जय प्रकाश नारायण एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में की गई थी. अब मेडिकल रिपोर्ट आ गई है, एमएलसी रिपोर्ट के अनुसार उनके बाएं पैर और दाहिने गाल पर चोट के निशान हैं.

रिपोर्ट में कहा गया है कि स्वाति मालीवाल को बाएं पैर पर 3×2 सेंटीमीटर आकार की चोट थी, उनके “दाहिनी आंख के नीचे दाहिने गाल” पर 2×2 सेंटीमीटर आकार की एक और चोट थी. शिकायत में मालीवाल ने आरोप लगाया कि केजरीवाल के निजी सचिव बिभव कुमार ने उन्हें “कम से कम सात से आठ बार” थप्पड़ मारा. वह “चिल्लाती रहीं” और “उन्हें बेरहमी से घसीटा”, साथ ही उनकी छाती, पेट और pelvis एरिया पर “लातें” मारीं.

दिल्ली पुलिस के पास दर्ज कई गई एफआईआर के मुताबिक, मालीवाल ने 13 मई की घटनाओं का जिक्र किया, जब वह मुख्यमंत्री केजरीवाल के सिविल लाइंस स्थित आवास पर गई थीं.

बिभव ने कोर्ट में दायर की अग्रिम जमानत याचिका
गिरफ्तारी के बाद बिभव कुमार ने तीस हजारी कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की. इस याचिका पर सुनवाई हुई , जिसे ई कोर्ट ने खारिज कर दिया. बिभव कुमार के वकील ने मीडिया से कहा- मैंने दलील दी है कि कोई मामला नहीं है और यह अंतरिम जमानत का मामला है. मैंने अग्रिम जमानत की वकालत की है क्योंकि सीसीटीवी फुटेज और कवरेज में जो देखा गया है. बयान में यह नहीं बताया गया है कि आदेश को तीन दिन की देरी से आज के लिए सुरक्षित रखा गया है.

मैं जांच में शामिल होने के लिए तैयार हूं
विभव कुमार ने दिल्ली पुलिस को लिखे मेल में कहा- ‘मुझे पता चला है कि सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन में दर्ज एक एफआईआर में मुझे आरोपी बनाया गया है. मुझे अभी तक कोई नोटिस नहीं दिया गया है…मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि जब भी जांच अधिकारी द्वारा कहा जाएगा, मैं सहयोग करने और जांच में शामिल होने के लिए तैयार हूं. मैंने भी 13 मई को हुई घटना को लेकर शिकायत की है, जिस पर दिल्ली पुलिस संज्ञान ले.’

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top