Breaking News
आईपीएल 2024- कोलकाता नाइट राइडर्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच मुकाबला आज 
लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने उम्मीदवारों की 12वीं सूची की जारी
तमन्ना भाटिया की हॉरर-कॉमेडी ‘अरनमनई’ 4 का ट्रेलर हुआ जारी , इस दिन रिलीज होगी फिल्म
उत्तराखण्ड के पूर्व डीजीपी की बेटी कुहू गर्ग का आईपीएस में चयन
ओडिशा से कोलकाता जा रही बस जाजपुर में फ्लाईओवर से गिरी, 5 की मौत
एलन मस्क ने नए यूजर्स के लिए की बड़ी प्लानिंग, पोस्ट करने के लिए देने होंगे पैसे 
मुख्यमंत्री धामी ने भाजपा के संकल्प पत्र के संबंध में की प्रेस वार्ता
वर्कआउट के दौरान ज्यादा पानी पीना हो सकता है खतरनाक, जानें कैसे?
चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन पूजा बुकिंग शुरू, इस वेबसाइट पर करे पंजीकरण

प्रकृति से जुड़ने का संदेश देती है पुष्प प्रदर्शनी- महाराज

राज भवन में महाराज ने किया बसंतोत्सव में प्रतिभाग

देहरादून। राज भवन में बसंतोत्सव 2024 “संकल्प से सिद्धि, फूलों से समृद्धि” तीन दिवसीय पुष्प प्रदर्शनी का राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज एवं गणेश जोशी की उपस्थिति में शुभारंभ किया। राज भवन में बसंतोत्सव 2024 “संकल्प से सिद्धि, फूलों से समृद्धि” 1 से 3 मार्च तक चलने वाली तीन दिवसीय पुष्प प्रदर्शनी का शुक्रवार को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज एवं गणेश जोशी की उपस्थिति में शुभारंभ किया।

इस अवसर पर वहां लगाये गये फूलों के स्टालों सहित जलागम एवं अन्य का निरीक्षण करने के पश्चात कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि हर वर्ष की भांति इस बार भी राजभवन में बसंत के महीने में बसंतोत्सव का आयोजन उत्तराखंड में पुष्प उत्पादन आर्थिकी को मजबूत करने का एक सराहनीय कदम है।

महाराज ने कहा कि राज भवन में बसंतोत्सव 2024 “संकल्प से सिद्धि, फूलों से समृद्धि” पुष्प प्रदर्शनी में विभिन्न प्रजाति के फूलों की प्रदर्शनी के साथ-साथ कई प्रतियोगिताएं भी आयोजित हो रही हैं। पुष्प प्रदर्शनी में प्रदेश ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों से भी फूलों के काश्तकार हिस्सा ले रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के फूल उत्पादकों को इंटरनेशनल लेवल पर पहचान दिलाना है। ताकि इसके जरिए उत्तराखंड के फूल विदेश में भी अपनी पहचान बना सकें। महाराज ने कहा कि उत्तराखंड में पुष्प उत्पादन आर्थिकी को मजबूत करने का एक बड़ा स्त्रोत हो सकता है। साथ ही इस प्रकार का आयोजन जन जन को प्रकृति से जुड़ने का भी संदेश देता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top